मंत्रियों के शपथग्रहण समारोह के भव्य आयोजन में एनडीए कहीं दिखाई हीं नहीं पड़ा- राजद
मंत्रीमंडल शपथग्रहण समारोह में एनडीए लापता - पितृ धर्म का निर्वहन -- महिला समेत कोर वोटर की उपेक्षा -- नीतीश कुमार जी का कुर्सी मोह
पटना 7 मई 3026 ; राजद प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने सम्राट मंत्रीमंडल में शामिल किए गए सभी मंत्रियों को बधाई देते हुए कहा है कि आज मंत्रियों के शपथग्रहण समारोह के भव्य आयोजन में एनडीए कहीं दिखाई हीं नहीं पड़ा। यह तो विशुद्ध रूप से भाजपा सरकार के मंत्रीमंडल का विस्तार था।
पटना शहर से लेकर गांधी मैदान तक केवल भाजपा के हीं झंडा - बेनर लगे हुए थे। मंच एवं कार्यक्रम स्थल पर लगे बैनर पर केवल प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री की हीं तस्वीरें थीं। भाजपा के सहयोगी दलों का झंडा - बैनर तो कहीं था हीं नहीं। प्रधानमंत्री जी के रोड-शो में भी सहयोगी दलों का कोई नेता साथ नहीं था।
मंच पर तथाकथित एनडीए में शामिल दलों के राष्ट्रीय अध्यक्ष की हैसियत से बैठे होने का दावा किया जाना भी गलत है। दरअसल में वे अपने पितृ धर्म का निर्वहन कर रहे थे। नीतीश कुमार जी का पुत्र निशांत और उपेन्द्र कुशवाहा जी का पुत्र दीपक प्रकाश विधान मंडल के किसी सदन का सदस्य हुए बगैर हीं आज मंत्री पद की शपथ ले रहे थे।
इसी प्रकार जीतन राम मांझी जी कि पुत्र संतोष कुमार सुमन भी मंत्री पद की शपथ ले रहे थे। परिवारवाद पर सबसे ज्यादा भाषण देने वाले माननीय प्रधानमंत्री जी की उपस्थिति में पितृ धर्म का निर्वहन करने वाले नेताओं को मंच पर उपस्थित रहना तो सनातनी संस्कार के अनुसार तो और भी ज्यादा जरुरी था।
राजद प्रवक्ता ने कहा कि सम्राट मंत्रीमंडल में महिला समेत भाजपा के कोर वोटर को वाजिब हक नहीं दिया गया है। संसद और विधान सभाओं में महिलाओं को आरक्षण की दुहाई देने वाली भाजपा सरकार में मात्र पांच महिलाओं को स्थान दिया गया है जबकि 33 प्रतिशत के आधार पर कम से कम 14 महिलाओं को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाना चाहिए था। इसी प्रकार जातीय आधार पर भाजपा का पक्का कोर वोटर कायस्थ को एक भी स्थान नहीं दिया गया। भाजपा और उसके सहयोगी दलों को मिलने वाले कुल वोट में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी वाली जाती ब्राह्मण को सम्राट मंत्रीमंडल में मात्र दो स्थान दिया गया है। जबकि इससे कम हिस्सेदारी वाली जातियों को इसके अपेक्षा मंत्रीमंडल में ज्यादा स्थान दिया गया है।
राजद प्रवक्ता ने कहा कि आज के मंत्रीमंडल शपथग्रहण समारोह में एक बात और भी स्पष्ट हो गया कि नीतीश कुमार जी के दिल से अभी भी मुख्यमंत्री की कुर्सी से मोह नहीं हटा है। मंच पर आज वे बार-बार मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठना चाह रहे थे। लगता है अभी भी वे यह स्वीकारने की स्थिति में नहीं हैं कि उन्होंने मुख्यमंत्री पद से स्वत: इस्तीफा दे दिया है। पटना से एनबीसी 24 न्यूज के लिए कुमार गौतम की रिपोर्ट।